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गणितीय पार्क का माडल Model Of Mathematical Park

16 अगस्त

गणितीय पार्क का माडल Model Of Mathematical Park

गणित को सदा एक मुश्किल विषय समझा जाता रहता है परन्तु ऐसा नहीं है जिस को एक बार गणित भा गया उसको सब विषय आगये समझो आज हम गणितीय पार्क का माडल बनाना समझेंगे | सभी स्कूलो मे पार्क तो होते ही है ये उन पार्कों को गणितीय पार्क का रूप दे दे तो बच्चे वहाँ जा कर खेल खेल मे गणित को समझ सकते है |

खैर अब हम गणितीय पार्क का माडल बना कर तो कम से कम अपने बड़ों को ये आईडीया दे सकते है की वो स्कूलों मे गणितीय पार्क बनाएँ |

ये तो एक माडल है जिस के पीछे यह उद्देश्य है कि इस तरह के पार्क स्कूलों , शहरों ,साईंस सेंटरों आदि जगहों पर बनने चाहियें |


इस गणितीय पार्क मे आयताकार ,घनाकार ,वर्गाकार ,गोलाकार ,शंकवाकार,पिरामिडाकार ,वृत्ताकार ,सम्लाम्बकार ,समचतुर्भुजाकार ,त्रिभुजाकार अर्द्धगोलाकार आदि ज्यामितीय संरचनाये बनाकर गणित समझा सके तो शायद हमारे शिक्षाविद साहेबान इस तरफ कोई ठोस कदम उठायें |

द्वारादर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

क्या?? भार भ्रम भी होता है ? Weight Illusion?

13 अगस्त

क्या?? भार भ्रम भी होता है ? Weight Illusion?

जी हाँ चकित मत होईये ,दृष्टी भ्रम की ही तरह ही होता है भार भ्रम भी

हमारी आँखे धोखा खा जाती है

ठीक उसी प्रकार हमारा दिमाग/मांसपेशियाँ भी भार का सही हिसाब नहीं लगा सकता

दिमाग/मांसपेशियाँ को धोखा देना आसान है भार के मामले मे

आईये एक साधारण प्रयोग से समझने की कोशिश करें की क्या होता है भार भ्रम ?

आवश्यक सामग्री :- दो खाली एलुयूमिनियम की सोफ्ट ड्रिंक केन ,थोडा एकदम सूखा रेत ,ब्राऊन सेलो टेप

प्रयोग विधि :- एक केन खली और दूसरी केन मे फुल्ल रेत भर लो | दोनों केन्स को ब्राऊन सेलो टेप से चित्रानुसार एक दम बंद कर दो यानी कवर कर दो |

अब किसी अन्य व्यक्ति को बुला कर उस के दोनों हाथों मे अलग अलग दोनों केन्स रख दो |

वो आसानी से बता देगा की एक भारी है और दूसरी हलकी है वजन मे

1. अब उस के केवल एक हाथ मे नीचे भारी और उस के ऊपर हलकी वाली केन रखते है

2. फिर तुरंत उस के उसी हाथ मे नीचे हलकी और उस के ऊपर भारी वाली केन रखते है


अब उस व्यक्ति से ये पूछो कि उस को कौन सी बार हाथ पर आधिक भार लगा ??

निसंदेह वो दूसरी बार यानी नीचे हलकी और उस के ऊपर भारी वाली बार को ही ज्यादा भारी बताएगा

हालाकि वो व्यक्ति भी जनता है कि दोनों बार भार तो बराबर ही था |

ये है भार भ्रम का प्रयोग

खुलासा :- जब भारी केन नीचे और हलकी केन ऊपर होती है और फिर जब हलकी केन नीचे और भारी केन ऊपर होती है तो दिमाग को यही पर भार भ्रम हो जाता है

क्योंकि भारी केन नीचे होने पर मांसपेशियाँ आधिक भार उठा रही होती है परन्तु जब स्तिथि बदल कर हलकी केन नीचे रखी जाती है तो मांसपेशियाँ आधिक भार उठाने के लिए तैयार नहीं होती है क्योंकी हथेली पर हलकी केन है जबकि मष्तिष्क को पता होता है की अगली केन जो रखी जानी है वो भारी है

इसीलिए हो जाता है भार भ्रम

द्वारादर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

विज्ञान गीत

11 अगस्त

अँधेरे भगाओ उजाले लाओ |
पढ़ो विज्ञान नवचेतना लाओ ||

जानो कैसे हवा ये चले
जानो कैसे दीपक ये जले
जानो कैसे ये बारिश आये
जानो कैसे ये दिन रात बने

अँधेरे भगाओ उजाले……………..

आंध्विश्वाशो से बाहर आओ
भूत प्रेतों का डर है मिटाओ
अपनी शक्ति को पहचानो
जैवविकास के सच को मानो

अँधेरे भगाओ उजाले……………..

न्यूटन को तुम याद करो
जिसने गुरुत्व है समझाया
एडिसन का करो शुक्रिया
बल्ब जिसने है चमकाया

अँधेरे भगाओ उजाले……………..

हर बीमारी से हम अब लड़े
और मौत के आगे डटे खड़े
प्रतिजैविक और कई दवाई
मनुष्यों की है जान बचाई

अँधेरे भगाओ उजाले……………..

ऊँची इमारते गगन चूमे
लम्बे पुल हवा में झूमे
मोटर चले जैसे हंवाये
आवो तुम्हे विज्ञान पढ़ाये

अँधेरे भगाओ उजाले लाओ |
पढ़ो विज्ञान नवचेतना लाओ ||
जारी……

आर्कमिडीज पेंच Archimedes Screw

9 अगस्त

आर्कमिडीज पेंच Archimedes Screw

नीचे से पानी को ऊपर चढ़ाने के लिए प्राचीन समय से नाना प्रकार के प्रयोग हुवे है | इन प्रयोगों मे आर्कमिडीज पेंच Archimedes Screw का प्रयोग भविष्य मे पम्प बनाने मे बहुत काम आया |

आओ जाने क्या है? आर्कमिडीज पेंच Archimedes Screw

S.C.E.R.T.हरियाणा मे मुझे आर्कमिडीज पेंच का मोडल बहुत अच्छा लगा ,बच्चे इस मोडल को विभिन्न विधिओं से बना सकते है |


वर्णन :-एक बेलनाकार खाली पाईप पर प्लास्टिक का पाईप लपेट कर हेंडल दवारा घुमाते है तो पानी ऊपर चड़ने लगता है |

हैंडल को दक्षिणावर्त घुमाने पर प्लास्टिक के पाईप से पानी ऊपर चड़ने लगता है | प्लास्टिक की नाली को बेलन पर ऐसे लपेटा गया है जैसे पेंच पर चुडीयाँ होती है|बेलन को तिरछा रखा गया है

नली के पानी के स्तंभ पर बल आघूर्ण ,घुमाव से प्रभावित होता है | पानी अपरूपक बल shearing Stress को नहीं सह पाता है इसलिए वेह चूड़ी की दिशा मे चड़ने लगता है |

नोट :- बच्चे इस मोडल को विभिन्न विधिओं से बना सकते है |

दूसरा चित्र गूगल इमेज से साभार  |

द्वारादर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

गुब्बारा नहीं फूटता क्यों ???

8 अगस्त

गुब्बारा नहीं फूटता क्यों नहीं

ये वीडियो देखो और कर के देखो

यू टयूब विडीयो से साभार